पुल का होना
आवागमन का जरिया हो सकता है, पर
इस बात की तसल्ली नहीं
कि वह जोड़े रखेगा
दोनों किनारों पर बसे लोगों के मन
या उन के जज़्बात....
एक छत चार लोगों के रहने की जगह तो हो सकती है
पर, इस बात का यकीन नहीं
कि एक छत के अंदर
न हों सबकी अपनी-अपनी छतें....
शादी रिश्ते की वैधता की मुहर तो हो सकती है
पर, प्रेम करने की वजह नहीं
न ही इस बात की तसल्ली
कि दो लोगों के मध्य
पाट दी गई किसी तीसरे की होने की जगह......
प्यार करना हो तो करना पुल को पार
छतों को सजाना एक रँग से
और उस रँग से उगाना तीसरा सबसे खूबसूरत रँग....
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