गाना गाया
पोखर में
नहाईं जी भर
धूप में बेख़ौफ़
खुद को सुखाया
फुदकती फिरी
घास पर यूँ ही
सबने मिल
चौपाल सजाया
बातों बातों में
किसी से रूठीं
फिर बातों से
उन्हें मनाया
आज किसी से
नहीं डरीं वो
आज किसी ने
नहीं डराया....
©®अमनदीप/विम्मी
दिल से निकली बातें जो दिल को छू जाएँगी । सबके दिलों को छूने के छोटे छोटे प्रयासों में आप सब की शुभकामनाओं की चाह के साथ , आप सब को समर्पित!!! " ख़ुश्बू-ए-इत्र मुबारक़ ए ज़माने तुझको मेरा किरदार ही काफ़ी है महकने के लिए "
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